Helpline +919415567039 || me.up@smarthindustan.news

Updated Sat, 15 May 2021 11:35 PM

मेरठ : सोतीगंज में लेनदेन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, पथराव से मची भगदड़

मेरठ, जेएनएन। मेरठ के सोतीगंज में शुक्रवार को लेनदेन को लेकर दो पक्षों में ईद की नमाज के बाद खूनी संघर्ष हो गया। मारपीट में दो लोग घायल हो गए, जबकि पथराव से अफरा-तफरी मच गई। काफी देर तक सड़क पर हंगामा होता रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दे दी है। सदर बाजार थाना क्षेत्र के सोतीगंज निवासी अय्यूब और सिज्जू चाचा-ताऊ के लड़के हैं। बताया गया कि सिज्जू के करीब 26 हजार रुपये अय्यूब पर हैं। काफी समय से वह रुपये मांग रहा था। अय्यूब ने ईद पर रुपये देने का वायदा किया था। ईद की नमाज के बाद जब सिज्जू ने रुपये मांगे तो दोनों में कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई। इस पर दोनों पक्षों के लोगा आमने-सामने आ गए और जमकर लाठी-डंडे चले।

मेरठ : डेथ सर्टिफिकेट बनवाना है तो ऐसे करें आवेदन और अगर कोई पैसे मांगे तो मिलाए यह नंबर

मेरठ, जेएनएन। मेरठ नगर निगम में परिसर में अगर कोई मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर पैसा मांगता है तो पीड़ित इस नंबर 8395881830 पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं। यह नगर स्वास्थ्य अधिकारी का सीयूजी नंबर है। तत्काल शिकायत का निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही असुविधा दूर करने की लिए हेल्पलाइन नंबर 9119011323, 9149360654 पर संपर्क कर मदद ले सकते हैं। कोरोना संकट में अपनों को खो चुके लोग मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर निगम पहुंच रहे हैं। जन्म -मृत्यु कार्यालय पहुंचने से पहले निगम परिसर में कुछ लोग फार्म भरवाने के नाम पर तो कुछ जल्द प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर व्यवस्था से अनभिज्ञ लोगों ने अवैध वसूली कर लेते हैं। ऐसी कुछ शिकायतें नगर आयुक्त मनीष बंसल तक पहुंची थी। जिसका संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गजेंद्र सिंह को हेल्पलाइन नंबर जारी का करने का निर्देश दिया था। जिसके क्रम में शुक्रवार को हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। जल्द से जल्द प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। शिकायत मिलने पर जवाबदेही तय की जाएगी।

कोरोना की दूसरी लहर के बीच रैपिड रेल प्रोजेक्ट पकड़ रहा गति, पिलर का निर्माण कार्य पूरा

मेरठ, जेएनएन। Rapid Rail In Meerut कोरोना की दूसरी लहर के बीच रैपिड रेल प्रोजेक्ट से विकास की उम्मीदें जवां हैं। आक्सीजन उपलब्ध न होने की वजह से काम प्रभावित जरूर हुआ है, लेकिन थमा नहीं है। यही वजह है कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट के 82 किमी कारीडोर में से 19 किमी. से अधिक हिस्से में पिलर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। एनसीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि इंडस्ट्रियल आक्सीजन जैसे ही उपलब्ध होने लगेगी काम की रफ्तार बढ़ जाएगी। रैपिड रेल कारीडोर के 19 किमी. के हिस्से में पिलर तैयार करने के बाद वायडक्ट का निर्माण भी चल रहा है। लगभग 5.6 किमी. हिस्सा निर्मित भी हो चुका है। इस पर ट्रैक बिछाने का काम भी जारी है। कोरोना संकट से प्रभावित होने के बाद भी इंजीनियर और कर्मचारी 12 लांचिंग गैंट्रीज (तारिणी) आरआरटीएस वायडक्ट के बाकी हिस्सों के निर्माण के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। ताकि प्रोजेक्ट को तय समय सीमा में पूरा किया जा सके। मेरठ में मोहिद्दीनपुर से रिठानी तक रैपिड रेल प्रोजेक्ट के तहत काफी पिलर बन चुके हैं। बैरीकेंडिंग कर सर्विस रोड और नाला पटरी व दीवार का निर्माण किया जा रहा है। यह काम मोदीपुरम क्षेत्र में चल रहा है। मेवला फ्लाई ओवर से फुटबाल चौक के बीच फिलहाल कुछ हिस्से में बैरीकेडिंग हो चुकी है। ट्रैफिक डायवर्जन कर काम शुरू करने की तैयारी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते यह काम रुका हुआ है।